जिस शब्द में से प्रकाश नही फूटता
उसको काग़ज़ पर मत रख
कोरा सफ़ेद काग़ज़
काले अक्षरों से ज़्यादा मोल का होता है.
’पंजाबी की श्रेष्ट प्रेम-कविताएं’ से
’सिर्फ़ पढ़ने के लिये’ यह ब्लाग प्रिय कविताओं का पुलिंदा है । टिप्पणियों के लिये सुलभ नहीं है।
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